सिरसा/कालांवाली (हरविन्द्र सिंह गिल)। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा महाजन धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्री देवी भागवत कथा के पाँचवें दिन आस्था और भक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। पूरे पंडाल में आध्यात्मिक वातावरण छाया रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए उमड़े।
कथा के पंचम दिवस का शुभारंभ मुख्य यजमान परिवारों द्वारा वेदमंत्रों के साथ सामूहिक पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य यजमान के रूप में श्री अश्विनी गोयल अपनी धर्मपत्नी सरला और सुपुत्री सिमरन सहित पूजन में सम्मिलित हुए, जबकि श्री चरण दास चन्नी ने अपनी धर्मपत्नी के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की।
दीप प्रज्ज्वलन के अवसर पर क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें मंडी कालांवाली के एमसी श्री नितिन गर्ग, DAV स्कूल के चेयरमैन एवं गौशाला व रामबाग के प्रधान श्री सुरेश सिंगला (रेंटी), मार्केट कमेटी के पूर्व वाइस चेयरमैन श्री नरेश सिंगला, प्रधान श्री टीशू अपनी धर्मपत्नी लीना गुप्ता के साथ, रोहतक बवासीर हॉस्पिटल के डॉ. राज कुमार गर्ग, सालासर धाम टोला मंडी के प्रधान श्री पिंटू गुप्ता, श्री हरीश बांसल, श्री लक्की बांसल तथा खाटू श्याम जी मंदिर के श्री अमरजीत बांसल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
पूजन के उपरांत सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी भद्रा भारती जी ने माँ पार्वती के कठोर तप और शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का मार्मिक विवेचन किया। उन्होंने कहा कि माँ पार्वती का दृढ़ संकल्प साधकों के लिए प्रेरणा है और यह दर्शाता है कि अटूट श्रद्धा से ईश्वर की प्राप्ति संभव है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आत्मा का परमात्मा से मिलन केवल पूर्ण सतगुरु द्वारा प्रदत्त ब्रह्मज्ञान से ही संभव होता है।
कथा के दौरान प्रस्तुत सुमधुर भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते रहे। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक आरती की गई और उपस्थित भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। आयोजकों ने बताया कि कथा के शेष दिनों में भी इसी प्रकार की आध्यात्मिक गतिविधियाँ जारी रहेंगी।

