हरीश भाकुनी, हल्द्वानी। आयुुक्त/सचिव मा0 मुख्यमंत्री दीपक रावत ने बुधवार को निर्वाण उन्मूलन एवं पुनर्वास केन्द्र हीरानगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनेकों खामियां मिलने पर आयुक्त ने मौके पर निवार्ण केन्द्र का लाईसेंस निरस्त करने के निर्देश एसीएमओ को दिये।
निर्वाण नशा केन्द्र में गाइडलाईन के अनुसार जो लोग नशे के आदी होते है उन्ही को नशा केन्द्रों में रखा जाता है लेकिन जो नशा नहीं करते हैं जो अन्य बीमारी से पीडित हैं उन्हें भी नशा मुक्त केन्द्र निवार्ण में रखा गया जो घोर अपराध है।* साथ ही बिना अनुमति के महिला मरीजों को रखे जाने का भी मामला सामने आने पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। भारत सरकार से इसके संचालन हेतु बजट/धनराशि की सहायता उपलब्ध होने के बावजूद भी कुछ रोगियों से धनराशि लेने का प्रकारण प्रकाश में आया जिससे संबंधित किसी भी प्रकार के दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए इस संबंध में गुरुवार 11 बजे तक समस्त दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मरीजों से धनराशि ली जाती है उक्त धनराशि का डाटा उपलब्ध नही होने पर आयुक्त ने संचालक को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि सरकार द्वारा मरीजों का निशुल्क उपचार किया जाता है इसके एवज में सरकार द्वारा धनराशि भी दी जाती है मरीजो से धनराशि लेना घोर अपराध है। उन्होंने मौके पर उक्त नशा मुक्ति केन्द्र का लाइसेंस निरस्त करने निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्टेट गोपाल सिंह चौहान, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 श्वेता भण्डारी आदि उपस्थित थे।
