कर्ज के बाद भी जबरन वसूली

 बरेली, विशेष संवाददाता। शहर में कथित सूदखोरी और जबरन वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। राजस्थान के नागौर निवासी मार्बल कारोबारी रिजवान अहमद ने स्थानीय दो व्यक्तियों पर आरोप लगाया है कि 20 लाख रुपये का कर्ज पूरी तरह चुकाने के बावजूद उनसे हर महीने 1.25 लाख रुपये रंगदारी के रूप में वसूले जा रहे हैं। पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य से लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।

लॉकडाउन की मजबूरी का कथित दुरुपयोग

शिकायत के अनुसार, आरोपी मोहम्मद साजिद और इकबाल रजा ने खुद को इलाके का प्रभावशाली व्यक्ति बताकर पहले विश्वास में लिया। लॉकडाउन के दौरान कारोबार ठप होने पर उन्होंने 2 प्रतिशत मासिक ब्याज पर 20 लाख रुपये उधार दिए, लेकिन इसके एवज में पांच-पांच लाख रुपये के चार ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराकर अपने पास रख लिए।

कर्ज अदायगी के बाद भी दबाव

रिजवान का दावा है कि जनवरी 2021 से नियमित भुगतान कर उसने मूलधन और ब्याज दोनों चुका दिए। इसके बावजूद आरोपियों ने न केवल ब्लैंक चेक लौटाने से इनकार किया, बल्कि हर महीने 1.25 लाख रुपये देने का दबाव बनाए रखा। पीड़ित ने इसे “सीधी रंगदारी और अवैध वसूली” बताया है।

धमकी और भय का माहौल

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी बार-बार दुकान पर आकर धमकाते हैं कि रकम न देने पर दुकान पर कब्जा कर लिया जाएगा। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपियों के पास अवैध हथियार हैं, जिससे दहशत का माहौल बना हुआ है।

22 जनवरी की घटना

पीड़ित के अनुसार, 22 जनवरी 2026 की रात इकबाल रजा ने उसे अपने घर बुलाया, जहां साजिद के साथ मिलकर दोबारा धमकाया गया और हर महीने रकम देने का दबाव बनाया गया। किसी तरह वह वहां से सुरक्षित निकल सका।

पुलिस से कार्रवाई की मांग

रिजवान अहमद ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है और जांच की बात कही है।

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