मनरेगा बचाओ यात्रा": हापुड़ में कांग्रेस का बड़ा ऐलान, 75 जिलों में आज सड़कों पर उतरेंगे हजारों कार्यकर्ता, BJP पर लगाए शोषण के गंभीर आरोप

आबिद हुसैन, हापुड़। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने और देश के मजदूरों का शोषण करने का जोरदार आरोप लगाते हुए  "मनरेगा बचाओ यात्रा" का ऐलान किया है। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि 13 फरवरी को राज्य के सभी 75 जनपदों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी, जिसमें सैकड़ों-हजारों कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा और मजदूर शामिल होंगे। यह यात्रा ग्रामीण भारत की रीढ़ मानी जाने वाली मनरेगा योजना को बचाने के लिए एक बड़ा आंदोलन का हिस्सा है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश त्यागी ने प्रेस वार्ता की शुरुआत करते हुए कहा, "केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा योजना में लगातार बदलाव कर रही है, जिससे लाखों मजदूरों का रोजगार छिन रहा है। मजदूरी में कटौती, काम के दिनों में कमी और भुगतान में देरी जैसे कदमों से गरीब परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। हम इस अत्याचार के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे।" उन्होंने बताया कि हापुड़ में यह पदयात्रा रामलीला ग्राउंड शहीद स्मारक से शुरू होकर दिल्ली रोड, फ्री गंज रोड, रेलवे रोड होते हुए नगरपालिका परिषद स्थित गांधी प्रतिमा पर समाप्त होगी। त्यागी ने दावा किया कि इस यात्रा में सैकड़ों कांग्रेसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाग लेंगे, जो योजना के मौजूदा स्वरूप को बहाल करने की मांग करेंगे।शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए जोर देकर कहा, "भाजपा सरकार देश के उन मजदूरों का शोषण कर रही है, जो गांवों की अर्थव्यवस्था को संभालते हैं। मनरेगा न केवल रोजगार देती है, बल्कि ग्रामीण विकास का आधार भी है। हमारी पदयात्रा में महिलाएं, युवा और मजदूर भाई बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह सिर्फ हापुड़ तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ होगा।" अहमद ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए बताया कि योजना के तहत काम के आवंटन में भेदभाव बढ़ा है और तकनीकी जटिलताओं से मजदूर परेशान हैं। प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक गजराज सिंह ने सबसे लंबे और भावुक अंदाज में अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी हमेशा से देश के गरीबों, मजदूरों, दलितों, अल्पसंख्यकों और शोषित-पीड़ित वर्ग की लड़ाई को मजबूती से लड़ती आई है। यह हमारी परंपरा रही है कि हम सत्ता के गलियारों से लेकर गांव की पगडंडियों तक न्याय की आवाज बुलंद करते हैं।  केंद्र की भाजपा सरकार ने पहले हिंदू-मुस्लिम के नाम पर समाज को बांटने वाली राजनीति की, जिससे देश की एकता खतरे में पड़ गई। अब वे UGC और अन्य नीतियों के नाम पर जातियों में बंटवारे का घिनौना खेल खेल रहे हैं, जिसकी हम घोर निंदा करते हैं। लेकिन सबसे बड़ा अपराध मनरेगा योजना पर हो रहा है। यह योजना कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 2005 में शुरू की थी, जो ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने का प्रतीक बनी। करोड़ों मजदूरों को 100 दिन का गारंटीड रोजगार देकर हमने गरीबी के चक्र को तोड़ा था। आज भाजपा इसे धीरे-धीरे समाप्त करने पर तुली है—आधार कार्ड लिंकिंग, जीपीएस ट्रैकिंग और निजीकरण जैसे बदलावों से मजदूरों को परेशान किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में, जहां लाखों परिवार इससे निर्भर हैं, यह शोषण असहनीय है। हम 'मनरेगा बचाओ यात्रा' के माध्यम से न सिर्फ योजना को बचाएंगे, बल्कि मजदूरों के हक के लिए संसद से सड़क तक संघर्ष करेंगे। कांग्रेस गरीबों की आवाज बनेगी और इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी।"यह प्रेस वार्ता जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर आयोजित की गई, जिसमें पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश चंद शर्मा, जिला महासचिव कपिल शर्मा, SC-ST जिलाध्यक्ष नरेश कुमार भाटी, जिला महासचिव गौरव गर्ग, जिला महासचिव पूरन मल आनंद समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने नारों के साथ एकजुटता दिखाई और पदयात्रा की सफलता का संकल्प लिया।कांग्रेस का यह आंदोलन मनरेगा योजना के भविष्य को लेकर राजनीतिक बहस को तेज करने वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना में प्रस्तावित बदलाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकते हैं, खासकर सूखे और बेरोजगारी प्रभावित इलाकों में। पदयात्रा के बाद कांग्रेस और बड़े प्रदर्शनों की योजना बना रही है, जिससे राज्य की सियासत में नया मोड़ आ सकता है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय कांग्रेस कार्यालय से संपर्क करें।

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