भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और समय का विवरण नहीं, बल्कि जीवन की लय और ब्रह्मांड की गति का दर्पण है। आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और साथ ही सूर्यदेव का कुंभ राशि में प्रवेश होने से फाल्गुन कुंभ संक्रांति का भी शुभ संयोग बन रहा है। यह दिन उपासना, संयम और दान-पुण्य के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
तिथि एवं वार विवरण
- तिथि: कृष्ण एकादशी – दोपहर 02:26 बजे तक, तत्पश्चात द्वादशी आरंभ
- मास: फाल्गुन (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत)
- विक्रम संवत: 2082, कालयुक्त
- शक संवत: 1947, विश्वावसु
सूर्य एवं चंद्र स्थिति
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सूर्य राशि: कुंभ (आज संक्रांति)
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चंद्र राशि: धनु
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नक्षत्र: मूल – सायं 04:12 बजे तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा
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सूर्योदय: प्रातः 07:01 बजे
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सूर्यास्त: सायं 06:10 बजे
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चंद्रोदय: प्रातः 04:53 बजे (14 फरवरी)
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चंद्रास्त: दोपहर 02:10 बजे
योग एवं करण
- योग: वज्र – रात्रि 03:23 बजे तक (14 फरवरी)
- करण:
- बलव – दोपहर 02:25 बजे तक
- कौलव – रात्रि 03:17 बजे तक (14 फरवरी)
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 बजे तक
- अमृत काल: प्रातः 09:08 से 10:54 बजे तक
चौघड़िया मुहूर्त
- लाभ: 08:25 से 09:48 (प्रातः)
- अमृत: 09:48 से 11:12 (प्रातः)
- शुभ: 12:35 से 01:59 (दोपहर)
- लाभ: 09:22 से 10:59 (रात्रि)
अशुभ समय
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राहुकाल: 11:12 से 12:35 बजे तक
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गुलिकाल: 08:25 से 09:48 बजे तक
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यमगण्ड: 03:23 से 04:46 बजे तक
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दिशा शूल: पश्चिम
विशेष महत्व
एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। आज कुंभ संक्रांति का पावन संयोग होने से स्नान, दान और जप-तप का विशेष फल प्राप्त होता है। धर्मग्रंथों के अनुसार, इस दिन किया गया संकल्प मानसिक शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
धनु राशि में चंद्रमा का गोचर साहस, स्पष्टता और सकारात्मक सोच को बल देगा, जबकि कुंभ संक्रांति समाज सेवा और नवचिंतन की प्रेरणा प्रदान करेगी।
आज का संदेश: “संयम, श्रद्धा और सेवा—ये तीनों मिलकर जीवन को प्रकाशमान बनाते हैं।”
आपका दिन मंगलमय और पुण्यफलदायी हो।
