फाल्गुन मास की पावन वेला में आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि साधना, संकल्प और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल मानी गई है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति आज सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रही है। यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य, निवेश, यात्रा या नई योजना की शुरुआत करना चाहते हैं तो पंचांग के अनुसार सही मुहूर्त का चयन आपके प्रयासों को स्थिरता और सफलता दे सकता है।
तिथि एवं नक्षत्र
- तिथि: शुक्ल नवमी – रात्रि 02:40 बजे (26 फरवरी) तक, तत्पश्चात दशमी तिथि प्रारंभ
- नक्षत्र: दोपहर 01:38 बजे तक, इसके बाद नक्षत्र
आज चंद्रदेव रोहिणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। रोहिणी नक्षत्र को सौंदर्य, समृद्धि और आकर्षण का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्य स्थायित्व प्रदान करते हैं।
योग एवं करण
- योग: योग रात्रि 01:36 बजे तक, इसके बाद योग
- करण: बालव – रात्रि 11:12 बजे तक
- करण: कौलव – रात्रि 02:40 बजे (26 फरवरी) तक
विष्कम्भ योग को कार्यों में मजबूती और स्थायित्व देने वाला माना जाता है, जबकि प्रीति योग संबंधों और सौहार्द को बढ़ाने में सहायक होता है।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय: प्रातः 06:50 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:18 बजे
- चंद्रोदय: प्रातः 11:52 बजे
- चंद्रास्त: रात्रि 02:46 बजे (26 फरवरी)
आज के शुभ मुहूर्त
- अमृत काल: प्रातः 10:38 बजे से दोपहर 12:08 बजे तक।
- अमृत काल (द्वितीय): प्रातः 03:55 बजे से प्रातः 05:25 बजे (26 फरवरी) तक। अमृत काल में किए गए कार्य दीर्घकालिक सफलता और शुभ परिणाम प्रदान करते हैं।
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:34 बजे से 02:00 बजे तक
- गुलिकाल: प्रातः 11:08 बजे से 12:34 बजे तक
- यमगण्ड: प्रातः 08:16 बजे से 09:42 बजे तक। इन समयों में नए कार्यों की शुरुआत से बचना श्रेयस्कर रहेगा।
आज का चौघड़िया
- लाभ: 06:15 AM – 07:41 AM
- अमृत: 07:41 AM – 09:08 AM
- काल: 09:08 AM – 10:35 AM
- शुभ: 10:35 AM – 12:02 PM
- रोग: 12:02 PM – 01:29 PM
- उद्वेग: 01:29 PM – 02:56 PM
- चर: 02:56 PM – 04:23 PM
- लाभ: 04:23 PM – 05:50 PM
दिशाशूल
आज उत्तर दिशा में दिशाशूल है। यदि यात्रा अत्यावश्यक हो तो धनिया या तिल का सेवन कर घर से प्रस्थान करना शुभ रहेगा। आज फाल्गुन मास की नवमी तिथि आत्मबल, साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अनुकूल मानी जाती है। आज का दिन विशेष रूप से पारिवारिक सौहार्द, नए संकल्प और सकारात्मक निर्णय लेने के लिए उत्तम है। रोहिणी नक्षत्र और विष्कम्भ योग का संयोग आपके प्रयासों को स्थायित्व और मजबूती प्रदान कर सकता है।
धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालु आज भगवान विष्णु या देवी दुर्गा की उपासना कर पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, संयमित वाणी और धैर्यपूर्वक निर्णय लेना दिनभर लाभकारी सिद्ध होगा।
नोट: (यह पंचांग वैदिक गणनाओं पर आधारित है। स्थानीय समय और स्थान के अनुसार मुहूर्तों में आंशिक परिवर्तन संभव है।)
