भारतीय कालगणना और सांस्कृतिक परंपराओं में पंचांग केवल समय-निर्धारण का साधन नहीं, बल्कि जीवन के धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक अनुशासन का मार्गदर्शक माना जाता है। ग्रह-नक्षत्रों की गति, तिथि, योग और मुहूर्त मनुष्य के कर्म, निर्णय और दैनिक आचरण को संतुलित दिशा देने में सहायक होते हैं। इसी परंपरा में प्रस्तुत है 11 फरवरी 2026 (बुधवार) का विस्तृत पंचांग, जो श्रद्धालुओं, ज्योतिष प्रेमियों और व्यवहारिक निर्णय लेने वालों सभी के लिए उपयोगी है।
तिथि एवं संवत्: आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जो प्रातः 09:25 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
- विक्रम संवत: 2082
- शक संवत: 1947
- वार: बुधवार
तिथि, योग व करण (विस्तार से)
तिथि: कृष्ण पक्ष नवमी – प्रातः 09:58 बजे तक । योग: व्याघात – रात्रि 02:30 बजे (12 फरवरी) तक, तत्पश्चात हर्षण योग। करण: गर – प्रातः 07:20 बजे तक। वणिज – रात्रि 11:12 बजे तक।
नक्षत्र व राशियाँ :
- नक्षत्र: अनुराधा प्रातः 10:32 बजे तक, इसके बाद ज्येष्ठा
- चंद्र राशि: वृश्चिक
- सूर्य राशि: मकर
सूर्य एवं चंद्र की स्थिति
- सूर्योदय: प्रातः 07:03 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:08 बजे
- चंद्रोदय: रात्रि 03:11 बजे (12 फरवरी)
- चंद्रास्त: दोपहर 12:27 बजे
- अयन: उत्तरायण
- ऋतु: शिशिर
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: उपलब्ध नहीं। अमृत काल: प्रातः 03:52 से 05:39 बजे (12 फरवरी) तक आध्यात्मिक साधना, ध्यान और शुभ कार्यों के लिए उत्तम।
आज के अशुभ समय (त्याज्य काल)
- राहुकाल: दोपहर 12:36 से 01:59 बजे तक
- गुलिकाल: प्रातः 11:12 से 12:36 बजे तक
- यमगण्ड: प्रातः 08:26 से 09:49 बजे तक
दिशा शूल : उत्तर दिशा में यात्रा वर्जित मानी गई है; आवश्यक हो तो गुड़ या तिल का सेवन कर प्रस्थान करें।
आज का ज्योतिषीय संकेत : मकर राशि में स्थित सूर्य अनुशासन, परिश्रम और दीर्घकालिक योजना का संकेत दे रहे हैं। वृश्चिक राशि का चंद्रमा भावनात्मक तीव्रता बढ़ा सकता है अतः निर्णय सोच-समझकर लें। व्याघात योग में विवाद, जल्दबाजी और मानसिक तनाव से बचना श्रेयस्कर रहेगा।
विशेष संदेश: आज का दिन अध्ययन, लेखन, प्रशासनिक कार्य, वित्तीय योजना और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल है। राहुकाल में महत्वपूर्ण निर्णय टालना उचित रहेगा।
