आबिद हुसैन हापुड़। कलेक्ट्रेट सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस के उपलक्ष्य में जनपदस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों से जागरूकता फैलाना और सुरक्षित, जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देना रहा।जिला सूचना विज्ञान अधिकारी प्रशांत सिरोही ने बताया कि कार्यशाला का विषय 'स्मार्ट टेक, सेफ चॉइस: एआई का सुरक्षित एवं जिम्मेदार प्रयोग' रखा गया। एनआईसी और साइबर सेल के विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन और ऑनलाइन जोखिमों से बचाव के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी साझा की।
मुख्य जागरूकता बिंदु:साइबर धोखे के तरीके: फिशिंग, मालवेयर, रैनसमवेयर, सोशल इंजीनियरिंग, ओटीपी फ्रॉड, UPI और नेट बैंकिंग से जुड़ी ठगी।बचाव के उपाय: टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, मजबूत पासवर्ड पॉलिसी, डेटा एन्क्रिप्शन, प्राइवेसी सेटिंग्स, डिजिटल फुटप्रिंट प्रबंधन, सुरक्षित ई-मेल और सोशल मीडिया उपयोग।सरकारी कार्यालयों के लिए: साइबर हाइजीन, सुरक्षित नेटवर्क प्रोटोकॉल, एंटीवायरस अपडेट, फायरवॉल और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा।शिकायत प्रक्रिया: साइबर क्राइम पोर्टल पर आसान रिपोर्टिंग।कार्यशाला में राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, माध्यमिक व बेसिक शिक्षा, उद्योग, युवा कल्याण, महिला कल्याण एवं बाल विकास, खाद्य एवं रसद जैसे विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रमुख उपस्थित: उपचिकित्सा अधिकारी सुनील गुप्ता, एनआईसी इंजीनियर शमीम अंसारी, अमर गुप्ता और रोलआउट मैनेजर निशांत राजपूत।
