आज माघ मास की शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज 1 फरवरी 2026, रविवार का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, शुद्धि और पुण्य फल प्राप्ति का विशेष संयोग लेकर आया है। पूर्णिमा को सनातन परंपरा में दान, स्नान, जप, ध्यान और पितृ तर्पण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में पुष्य नक्षत्र के साथ स्थित होकर दिन को स्थिरता, पोषण और सकारात्मकता प्रदान कर रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों, सत्कर्मों और मानसिक शांति की साधना के लिए अत्यंत अनुकूल है।
पंचांग विवरण
- तिथि: शुक्ल पूर्णिमा — रात्रि 03:38 बजे तक (02 फरवरी)
- योग: प्रीति — प्रातः 10:19 बजे तक
- करण: विष्टि — सायं 04:42 बजे तक
- करण: बव — रात्रि 03:38 बजे तक (02 फरवरी)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय: प्रातः 07:09 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:00 बजे
- चंद्रोदय: सायं 05:26 बजे
- चंद्रास्त: आज चंद्रास्त नहीं होगा
ग्रह-राशि स्थिति
- सूर्य: मकर राशि में
- चंद्रमा: कर्क राशि में
- विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- गुजराती संवत: 2082 (पिंगल)
- मास: माघ (पूर्णिमांत एवं अमांत दोनों परंपराओं में मान्य)
नक्षत्र एवं राशियां
आज चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा, जबकि सूर्य मकर राशि में स्थित होगा। सूर्य का नक्षत्र श्रवण रहेगा। दिन में पुष्य नक्षत्र के प्रभाव के बाद अश्लेशा नक्षत्र आरंभ होगा, जो रहस्यमय ऊर्जा और अंतर्दृष्टि का संयोग बनाता है।
ऋतु एवं अयन
- ऋतु: शिशिर
- अयन: उत्तरायण
- दिनमान: लगभग 10 घंटे 50 मिनट
- रात्रिमान: लगभग 13 घंटे 08 मिनट
- मध्याह्न काल: दोपहर 12:35 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 05:24 – 06:17
- प्रातः संध्या: 05:50 – 07:09
- अभिजित मुहूर्त: 12:13 – 12:57
- विजय मुहूर्त: 02:23 – 03:07
- गोधूलि मुहूर्त: 05:58 – 06:24
- सायाह्न संध्या: 06:00 – 07:19
- अमृत काल: 05:59 – 07:29
- रवि पुष्य योग: 07:09 – 11:58 (रात्रि)
- सर्वार्थ सिद्धि योग: 07:09 – 11:58 (रात्रि)
- निशिता मुहूर्त: 12:08 – 01:01 (2 फरवरी)
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: 04:39 – 06:00 (सायं)
- यमगण्ड: 12:35 – 01:56 (दोपहर)
- गुलिक काल: 03:18 – 04:39 (सायं)
- दुर्मुहूर्त: 04:33 – 05:17 (सायं)
- आडल योग: 07:09 – 11:58 (रात्रि)
- भद्रा: 07:09 – 04:42 (सायं)
- वर्ज्य काल: 09:02 – 10:31 (प्रातः)
- गण्ड मूल: 11:58 (रात्रि) – 07:09 (2 फरवरी)
अन्य ज्योतिषीय संकेत
- बाण: रोग बाण सुबह 07:55 बजे तक
- दिशा शूल: पश्चिम दिशा
- अग्निवास: 2 फरवरी प्रातः 03:38 तक आकाश में, उसके बाद पाताल में
- चंद्र वास: उत्तर दिशा
- राहु वास: उत्तर दिशा
- भद्रावास: सायं 04:42 तक मृत्यु लोक में
- शिववास: 2 फरवरी 03:38 तक श्मशान में, तत्पश्चात गौरी के साथ
- कुम्भ चक्र: उत्तर दिशा अशुभ
आज पूर्णिमा के पावन अवसर पर स्नान, दान, जप और ध्यान करने से मानसिक शांति, पारिवारिक समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है। रवि पुष्य एवं सर्वार्थ सिद्धि योग के संयोग में शुभ कार्य, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान विशेष फलदायी माने गए हैं।
