सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्य सचिव

 लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा है कि आगामी 17, 18, 24 एवं 25 जनवरी को प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाली सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य सचिव बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे।

उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेटिक एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की निगरानी में सभी अभ्यर्थियों की डबल लेयर फ्रिस्किंग कराई जाए, ताकि कोई भी अभ्यर्थी अनुचित सामग्री लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश न कर सके। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह क्रियाशील रहें और जिला एवं आयोग स्तर से लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए निगरानी सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि एसटीएफ और एलआईयू परीक्षा अवधि के दौरान पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए एडीएम स्तर के अधिकारियों को चिन्हित कर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में बताया गया कि 7466 पदों पर सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा हेतु 12 लाख 36 हजार 239 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे परीक्षा की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराएं, ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे।

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