आज का दिन धर्म, साधना और शुभ कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ आज वर्ष 2026 की पहली विनायक चतुर्थी का पावन संयोग बन रहा है। साथ ही आज गुप्त नवरात्र का चौथा दिन भी है, जिससे साधना और उपासना का महत्व और बढ़ जाता है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई शुभ योग बना रही है, वहीं कुछ समय अशुभ भी रहेंगे ऐसे में दिन की सही जानकारी के लिए पूरा पंचांग अवश्य देखें।
तिथि, नक्षत्र और योग
- तिथि: शुक्ल चतुर्थी (23 जनवरी रात 2:28 बजे तक)
- नक्षत्र: शतभिषा (दोपहर 2:27 बजे तक), तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद
- योग: वरीयान (शाम 5:38 बजे तक)
- करण: वणिज (दोपहर 2:40 बजे तक), बाद में विष्टि (भद्रा)
- विशेष: गुप्त नवरात्र – चौथा दिन, विनायक चतुर्थी। सूर्य व चंद्र का समय
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सूर्योदय: सुबह 7:14 बजे
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सूर्यास्त: शाम 5:52 बजे
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चंद्रोदय: सुबह 9:22 बजे
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चंद्रास्त: रात 9:19 बजे
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दिन की अवधि: 10 घंटे 38 मिनट 22 सेकंड
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रात्रि की अवधि: 13 घंटे 21 मिनट 19 सेकंड ।संवत्सर एवं मास
- विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- गुजराती संवत: 2082 (पिंगल)
- चंद्र मास: माघ (पूर्णिमांत एवं अमांत)
- प्रविष्टे/गते: 9
- द्रिक ऋतु: शिशिर
- वैदिक ऋतु: शिशिर
- द्रिक अयन: उत्तरायण
- वैदिक अयन: उत्तरायण।
- आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 5:27 से 6:20
- प्रातः संध्या: 5:53 से 7:14
- अभिजित मुहूर्त: 12:12 से 12:54
- विजय मुहूर्त: 2:19 से 3:02
- गोधूलि मुहूर्त: 5:49 से 6:16
- सायाह्न संध्या: 5:52 से 7:12
- रवि योग: 7:14 से 2:27
- अमृत काल: 23 जनवरी, सुबह 6:31 से 8:07
- निशिता मुहूर्त: 23 जनवरी, रात 12:06 से 12:59 आज के अशुभ समय
- राहुकाल: 1:53 से 3:12
- यमगण्ड: 7:14 से 8:33
- गुलिक काल: 9:53 से 11:13
- दुर्मुहूर्त: 10:46 से 11:29
- वर्ज्य: 3:02 से 3:44 एवं 8:52 से 10:29
- भद्रा: 2:40 से 23 जनवरी रात 2:28 तक
- बाण: रोग (11:45 से रात्रि पर्यंत)
- पंचक: पूरे दिन
- दिशा शूल: दक्षिण (दक्षिण दिशा की यात्रा से बचें)
- चंद्र वास: पश्चिम
- अग्निवास: पाताल (23 जनवरी रात 2:28 तक)
- नक्षत्र शूल: 23 जनवरी दोपहर 2:27 से दक्षिण
- शिववास: क्रीड़ा में, तत्पश्चात नंदी पर। आज विनायक चतुर्थी एवं गुप्त नवरात्र के कारण गणेश पूजन, मंत्र साधना और संयम के साथ किए गए कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।
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