स्वाती नक्षत्र के बाद विशाखा, दोपहर बाद रवि योग का प्रभाव; राहुकाल दोपहर 3:19 से 4:51 बजे तक
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि आज सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन विशेष है, क्योंकि ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। साथ ही जैन समाज में संवत्सरी पर्व का भी विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार आज चातुर्मास का 23वां दिन है। दिन में भद्रा का प्रभाव भी रहेगा और रवि योग का संयोग बनेगा। मंगलवार होने के कारण हनुमान उपासना के लिए भी दिन विशेष माना जा रहा है।
तिथि और नक्षत्र : आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि प्रारंभ होगी, जो 16 सितंबर को सुबह 8:59 बजे तक रहेगी। स्वाती नक्षत्र दोपहर 3:21 बजे तक रहेगा, इसके बाद विशाखा नक्षत्र का आरंभ होगा, जो अगले दिन शाम 5:22 बजे तक रहेगा।
योग और करण : आज इन्द्र योग दोपहर 12:19 बजे तक रहेगा, इसके बाद वैधृति योग शुरू होगा, जो 16 सितंबर को दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। करण की बात करें तो विष्टि करण सुबह 7:44 बजे तक रहेगा। इसके बाद बव करण रात 8:17 बजे तक और फिर बालव करण शुरू होगा, जो 16 सितंबर को सुबह 8:59 बजे तक रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय : दिल्ली-एनसीआर के अनुसार आज सूर्योदय सुबह 6:10 बजे और सूर्यास्त शाम 6:22 बजे होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 10:00 बजे तथा चंद्रास्त रात 8:43 बजे होगा। सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा पूरे दिन-रात तुला राशि में संचार करेंगे।
शुभ मुहूर्त : आज का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:34 से 5:22 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 6:00 से 7:41 बजे तक है। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा।
आज के अशुभ काल : मंगलवार को राहुकाल दोपहर 3:19 से 4:51 बजे तक रहेगा। यमगण्ड सुबह 9:13 से 10:44 बजे तक और कुलिक काल दोपहर 12:16 से 1:47 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 8:36 से 9:25 बजे तथा रात 11:05 से 11:52 बजे तक रहेगा। वर्ज्यम् रात 9:25 से 11:09 बजे तक रहेगा।
ऋषि पंचमी हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन सप्तऋषियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत एवं पूजन करने से जाने-अनजाने में हुए दोषों से मुक्ति और मन की शुद्धि प्राप्त होती है। महिलाएं विशेष रूप से ऋषि पंचमी का व्रत रखकर सप्तऋषियों की पूजा करती हैं।
विशेष: तीज और चतुर्थी व्रत का पारण सुबह 5:48 बजे के बाद किया जा सकेगा।
