29 अगस्त 2026 का पंचांग: भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा आज, रात 9:37 बजे मीन राशि में प्रवेश करेंगे चंद्रमा

 सावन पूर्णिमा के बाद अब भाद्रपद कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो चुकी है। शनिवार, 29 अगस्त 2026 को भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा तिथि प्रातः 9 बजकर 56 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि का आरंभ होगा। आज चंद्रमा कुंभ राशि में रहेंगे और रात 9 बजकर 37 मिनट के बाद मीन राशि में प्रवेश करेंगे। दिनभर पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो अगले दिन तड़के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में परिवर्तित होगा। धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए दिन में कई महत्वपूर्ण मुहूर्त भी रहेंगे।

आज की तिथि और नक्षत्र

29 अगस्त को भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा तिथि प्रातः 9 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी। पूर्व भाद्रपद नक्षत्र अगले दिन यानी 30 अगस्त को तड़के 3 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ होगा।

योग और करण : आज सुकर्मा योग प्रातः 6 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इसके बाद धृति योग प्रारंभ होगा।

वहीं कौलव करण प्रातः 9 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इसके बाद तैतिल करण का आरंभ होगा।

चंद्रमा की स्थिति:  आज चंद्रमा रात्रि 9 बजकर 37 मिनट तक कुंभ राशि में संचार करेंगे। इसके बाद चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश करेंगे।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

- सूर्योदय: प्रातः 5:57 बजे

- सूर्यास्त: सायं 6:46 बजे

- चंद्रोदय: सायं 7:27 बजे

- चंद्रास्त: प्रातः 6:45 बजे, 30 अगस्त

29 अगस्त के शुभ मुहूर्त

आज धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं:-

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3:55 बजे से 4:41 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:56 बजे से 12:47 बजे तक।

अमृत काल: सायं 7:32 बजे से रात्रि 9:10 बजे तक।

इन मुहूर्तों में पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान तथा अन्य शुभ धार्मिक कार्य करना विशेष फलदायी माना जाता है।

आज का चौघड़िया

शनिवार, 29 अगस्त को दिन के चौघड़िया इस प्रकार रहेंगे:-

- काल: सुबह 5:57 बजे से 7:34 बजे तक

- शुभ: सुबह 7:34 बजे से 9:10 बजे तक

- रोग: सुबह 9:10 बजे से 10:46 बजे तक

- उद्वेग: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक

इनमें शुभ चौघड़िया को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए बेहतर माना जाता है।

आज के अशुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार शनिवार को कुछ समय अशुभ मुहूर्त के रूप में भी रहेगा। इस दौरान महत्वपूर्ण शुभ कार्यों को शुरू करने से बचने की परंपरा है।

- राहुकाल: सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक

- गुलिक काल: सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक

- यमगंड: दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक

धार्मिक दृष्टि से आज का दिन : भाद्रपद कृष्ण पक्ष की शुरुआत होने के कारण आज से पितृपक्ष की ओर बढ़ने वाले धार्मिक क्रम का भी महत्व बढ़ जाता है। कृष्ण पक्ष में भगवान की आराधना, ध्यान, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता को शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान का पूजन, दीपदान, मंत्र जाप और दान कर सकते हैं।

खबर मार्निंग की अपील: किसी भी शुभ कार्य के लिए मुहूर्त का उपयोग करते समय स्थानीय स्थान के अनुसार पंचांग और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय में होने वाले अंतर को भी ध्यान में रखें।

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