आज सावन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के बाद 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 09 मिनट से पूर्णिमा तिथि का आरंभ होगा। हालांकि इस दिन भद्रा और पंचक का प्रभाव भी रहेगा। पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त को उदयव्यापी रहेगी। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन विशेष है और पूजन-पाठ के लिए शुभ मुहूर्त के साथ कुछ अशुभ काल का भी ध्यान रखना जरूरी होगा।
तिथि, नक्षत्र और योग
27 अगस्त को श्रावण शुक्ल चतुर्दशी तिथि सुबह 9:09 बजे तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी।
धनिष्ठा नक्षत्र रात 2:16 बजे तक रहेगा, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र का आरंभ होगा।
दिन में शोभन योग सुबह 7:56 बजे तक रहेगा, जिसके बाद अतिगंड योग प्रभावी हो जाएगा।
चंद्रमा मकर राशि में दोपहर 1:36 बजे तक संचार करेंगे। इसके बाद चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
भद्रा और पंचक का प्रभाव
आज पूरे दिन भद्रा और पंचक का प्रभाव रहेगा। भद्रा सुबह 7:00 बजे से शाम 6:02 बजे तक रहेगी। वहीं पंचक सुबह 10:05 बजे से अगले दिन सुबह 7:02 बजे तक रहेगा। ऐसे में शुभ कार्यों को करते समय पंचांग में दिए गए मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना उचित रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 5:56 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:48 बजे
- चंद्रोदय: शाम 6:23 बजे
- चंद्रास्त: अगले दिन सुबह 4:53 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:38 बजे से 6:19 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 1:24 बजे से 2:19 बजे तक
- विजय मुहूर्त: शाम 4:09 बजे से 5:04 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: रात 8:43 बजे से 9:04 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 1:25 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: दोपहर 3:35 बजे से शाम 5:17 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:00 बजे से 8:43 बजे तक
- आडल योग: रात 10:45 बजे से अगले दिन सुबह 7:02 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:34 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 10:26 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक
- भद्रा: सुबह 7:00 बजे से शाम 6:02 बजे तक
- पंचक: सुबह 10:05 बजे से अगले दिन सुबह 7:02 बजे तक
- दिशा शूल: दक्षिण दिशा
आज का चौघड़िया
- शुभ: सुबह 5:56 बजे से 7:33 बजे तक
- रोग: सुबह 7:33 बजे से 9:09 बजे तक
- उद्वेग: सुबह 9:09 बजे से 10:46 बजे तक
- चर: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक
28 अगस्त को उदयव्यापी पूर्णिमा
पंचांग के अनुसार 27 अगस्त को सुबह 9:09 बजे के बाद पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, जबकि 28 अगस्त को उदयव्यापी पूर्णिमा प्राप्त होगी। इसलिए पूर्णिमा से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान और व्रत-पर्व मनाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 28 अगस्त की तिथि विशेष महत्व रखेगी।
नोट: पंचांग के मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। धार्मिक कार्यों के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय का मिलान करना उचित है।
