श्रावण मास का प्रत्येक दिन भगवान शिव की आराधना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष महत्व रखता है। आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। इस दिन शिव पूजन, जप-तप, दान और शुभ कार्यों के लिए पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में संचार करेंगे। उत्तरभाद्रपद नक्षत्र, सुकर्मा योग तथा विभिन्न शुभ मुहूर्त धार्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल माने गए हैं। आइए जानते हैं 03 अगस्त 2026, सोमवार का विस्तृत पंचांग।
आज की तिथि एवं पंचांग
मास: श्रावण
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: पंचमी रात्रि 10:54 बजे तक, इसके उपरांत षष्ठी तिथि प्रारंभ होगा।
नक्षत्र: उत्तरभाद्रपद रात्रि 10:00 बजे तक, इसके बाद रेवती नक्षत्र।
योग: सुकर्मा योग रात्रि 09:13 बजे तक, इसके बाद धृति योग।
करण: कौलव करण प्रातः 11:08 बजे तक, इसके बाद तैतिल करण।
चंद्रमा: मीन राशि में संचार।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:43 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:11 बजे
चंद्रोदय: रात्रि 09:54 बजे
चंद्रास्त: 04 अगस्त प्रातः 09:50 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:55 बजे से 04:41 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
अमृत काल: सायं 05:07 बजे से 06:45 बजे तक
आज का चौघड़िया
अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 05:43 बजे से 07:24 बजे तक
काल (सामान्य): प्रातः 07:24 बजे से 09:05 बजे तक
शुभ (उत्तम): प्रातः 09:05 बजे से 10:46 बजे तक
रोग (सामान्य): प्रातः 10:46 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
यमगंड: प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
धार्मिक महत्व : श्रावण मास में भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। पंचमी तिथि पर श्रद्धालु शिवलिंग का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पित कर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हैं। शुभ मुहूर्त में किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना को विशेष फलदायी माना जाता है। वहीं राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नए एवं मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
(नोट: पंचांग के समय स्थानानुसार कुछ मिनटों का अंतर संभव है। स्थानीय पंचांग के अनुसार समय का मिलान करना उचित रहेगा।)
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