भाद्रपद शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के साथ रविवार, 20 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। आज नवमी तिथि दोपहर 2 बजकर 41 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि का आरंभ होगा। दिन में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो रात करीब 1 बजकर 45 मिनट तक रहने के बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा। आज चंद्रमा धनु राशि में और सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत और विजय मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, वहीं राहुकाल सहित कुछ अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों को टालना उचित माना जाता है।
तिथि और नक्षत्र : आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि दोपहर 2:41 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रात करीब 1:45 बजे तक रहेगा, इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लगेगा। दिन का योग दोपहर 12:53 बजे तक सौभाग्य रहेगा और उसके बाद शोभन योग का आरंभ होगा। करण में बालव दोपहर 1:46 बजे तक तथा इसके बाद कौलव करण रहेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति : आज चंद्रमा धनु राशि में रहेंगे, जबकि सूर्य कन्या राशि में स्थित हैं। सूर्योदय सुबह करीब 6:09 बजे और सूर्यास्त शाम करीब 6:21 बजे होगा।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त : ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:35 से 5:21 बजे तक रहेगा। प्रातः संध्या का समय सुबह 4:58 से 6:09 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:57 बजे तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:21 से 6:44 बजे तक और सायाह्न संध्या शाम 6:21 से 7:31 बजे तक रहेगी। अमृत काल शाम 6:32 से रात 8:20 बजे तक रहेगा। निशिता मुहूर्त रात 11:43 बजे से 12:30 बजे तक रहेगा, जो 21 सितंबर को समाप्त होगा।
राहुकाल और अशुभ समय : रविवार को राहुकाल शाम 4:41 से 6:21 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। यमगण्ड दोपहर 12:12 से 1:50 बजे तक तथा गुलिक काल दोपहर 3:03 से 4:42 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त शाम 4:57 से 5:46 बजे तक रहेगा। वहीं वर्ज्य काल रात 1:45 से 3:33 बजे तक रहेगा, जो 21 सितंबर को समाप्त होगा।
आज का पंचांग एक नजर में
वार: रविवार
तिथि: शुक्ल पक्ष नवमी, दोपहर 2:41 बजे तक, फिर दशमी
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा, रात 1:45 बजे तक, फिर उत्तराषाढ़ा
योग: सौभाग्य, दोपहर 12:53 बजे तक, फिर शोभन
करण: बालव, दोपहर 1:46 बजे तक, फिर कौलव
सूर्योदय: सुबह 6:09 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:21 बजे
राहुकाल: शाम 4:41 से 6:21 बजे
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:41 से दोपहर 12:30 बजे
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:08 से 2:57 बजे
अमृत काल: शाम 6:32 से रात 8:20 बजे।
आज भाद्रपद शुक्ल नवमी के दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी तथा अपने आराध्य देव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। रविवार होने के कारण सूर्यदेव की उपासना, अर्घ्यदान और आदित्य स्मरण को भी विशेष फलदायी माना जाता है। प्रातः स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित कर दिन की शुरुआत करना धार्मिक परंपरा में शुभ माना गया है।
नोट: पंचांग के मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त और स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।
