आज का पंचांग : 25 मार्च 2026, धार्मिक आस्था, ज्योतिषीय गणना और दैनिक जीवन के मार्गदर्शन का समन्वित आधार

आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के साथ आज का दिन विशेष आध्यात्मिक महत्व लिए हुए है। नवरात्रि के पावन अवसर पर यह दिन मां दुर्गा के उग्र और शक्तिशाली स्वरूप मां कालरात्रि की आराधना को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि मां कालरात्रि की उपासना से भय, नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं का नाश होता है तथा जीवन में साहस और शक्ति का संचार होता है। ऐसे में आज का पंचांग न केवल शुभ-अशुभ समय की जानकारी देता है, बल्कि दिनभर के कार्यों को संतुलित और सफल बनाने का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

 तिथि, नक्षत्र और योग

आज चैत्र शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 01:50 बजे तक प्रभावी रहेगी, इसके उपरांत अष्टमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार मृगशिरा नक्षत्र शाम 05:33 बजे तक रहेगा, जिसके बाद आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ होगा।

योग की दृष्टि से आज सौभाग्य योग 26 मार्च को रात्रि 03:09 बजे तक बना रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके पश्चात शोभन योग प्रभावी होगा।

करण के अनुसार वणिज करण दोपहर 01:50 बजे तक रहेगा, इसके बाद विष्टि (भद्रा) करण 26 मार्च की रात्रि 12:47 बजे तक प्रभावी रहेगा, तत्पश्चात बव करण प्रारंभ होगा।

 ग्रह-नक्षत्र और राशियां

आज चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित रहेंगे। मृगशिरा नक्षत्र का तृतीय चरण सुबह 11:54 बजे तक और चतुर्थ चरण शाम 05:33 बजे तक रहेगा, इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र का प्रथम चरण आरंभ होगा।
सूर्यदेव मीन राशि में रहकर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में स्थित हैं।

 सूर्योदय, सूर्यास्त एवं काल गणना

  • सूर्योदय: सुबह 06:20 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 06:35 बजे
  • चंद्रोदय: सुबह 10:53 बजे
  • चंद्रास्त: 26 मार्च रात्रि 01:35 बजे

दिनमान 12 घंटे 15 मिनट 30 सेकंड तथा रात्रिमान 11 घंटे 43 मिनट 19 सेकंड रहेगा।
मध्याह्न काल दोपहर 12:27 बजे होगा।

 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:45 बजे से 05:33 बजे तक
  • प्रातः सन्ध्या: 05:09 बजे से 06:20 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: 02:30 बजे से 03:19 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: 06:34 बजे से 06:57 बजे तक
  • सायाह्न सन्ध्या: 06:35 बजे से 07:45 बजे तक
  • अमृत काल: 09:19 बजे से 10:48 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: 26 मार्च, 12:03 बजे से 12:50 बजे तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: 06:20 बजे से 05:33 बजे तक

 अशुभ समय

  • राहुकाल: 12:27 बजे से 01:59 बजे तक
  • यमगण्ड: 07:51 बजे से 09:23 बजे तक
  • गुलिक काल: 10:55 बजे से 12:27 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: 12:03 बजे से 12:52 बजे तक
  • वर्ज्य: 26 मार्च, 01:31 बजे से 03:02 बजे तक
  • भद्रा काल: 01:50 बजे से 26 मार्च 12:47 बजे तक

 अन्य ज्योतिषीय संकेत

आज दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा, अतः इस दिशा में यात्रा करने से बचना श्रेयस्कर माना गया है।
चंद्र वास पश्चिम दिशा में तथा राहु वास दक्षिण-पश्चिम दिशा में रहेगा।
शिववास दोपहर 01:50 बजे तक भोजन में और उसके बाद श्मशान में माना जाएगा।

धार्मिक दृष्टि से आज का दिन शक्ति साधना और आंतरिक दृढ़ता को जागृत करने का प्रतीक है। मां कालरात्रि की पूजा से जहां नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है, वहीं जीवन में आत्मविश्वास और साहस का संचार भी होता है। पंचांग के अनुसार निर्धारित शुभ मुहूर्तों में कार्य करने से सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं, जबकि अशुभ समय में सावधानी बरतना हितकारी रहता है।

इस प्रकार 25 मार्च 2026 का पंचांग हमें आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ दैनिक जीवन में संतुलन और सफलता की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post