सुबह 10:35 बजे तक एकादशी तिथि, शुक्रवार को होगा व्रत का पारण; गोवत्स द्वादशी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:33 से रात 8:10 बजे तक
सनातन धर्म की परंपराओं में पंचांग का विशेष महत्व है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत-पूजन तथा शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त निर्धारित किए जाते हैं। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी का पावन अवसर है। आज सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक एकादशी तिथि रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालु शुक्रवार, 6 नवंबर को सुबह 6 बजकर 37 मिनट से 8 बजकर 48 मिनट के बीच व्रत का पारण करेंगे। वहीं, आज शाम गोवत्स द्वादशी की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। गौ माता और बछड़े की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि एवं संतान की मंगलकामना करेंगे।
रमा एकादशी व्रत और पारण
कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि गुरुवार सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। रमा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।
एकादशी व्रत का पारण शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को सुबह 6 बजकर 37 मिनट से 8 बजकर 48 मिनट तक किया जाएगा।
गोवत्स द्वादशी पूजा का शुभ मुहूर्त
कार्तिक कृष्ण द्वादशी के अवसर पर आज शाम गोवत्स द्वादशी की पूजा होगी। इस दिन गौ माता और उनके बछड़े की पूजा करने की धार्मिक परंपरा है। श्रद्धालु गौ माता को तिलक लगाकर, पुष्प अर्पित कर एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।
गोवत्स द्वादशी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 33 मिनट से रात्रि 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।
आज की तिथि, नक्षत्र एवं योग
- तिथि: कार्तिक कृष्ण एकादशी सुबह 10:35 बजे तक, इसके बाद द्वादशी।
- नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी अगले दिन 6 नवंबर को तड़के 3:55 बजे तक, इसके बाद हस्त नक्षत्र।
- योग: वैधृति अगले दिन तड़के 5:09 बजे तक, इसके बाद विष्कुंभ योग।
- करण: बालव सुबह 10:35 बजे तक, इसके बाद कौलव करण।
- चंद्र राशि: सिंह राशि में सुबह 9:34 बजे तक, इसके बाद कन्या राशि में संचार।
सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चंद्रोदय
- सूर्योदय: सुबह 6 बजकर 36 मिनट
- सूर्यास्त: शाम 5 बजकर 33 मिनट
- चंद्रोदय: अगले दिन 6 नवंबर को तड़के 3 बजकर 45 मिनट
- चंद्रास्त: दोपहर 3 बजकर 01 मिनट
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 26 मिनट तक।
अमृत काल: रात्रि 8 बजकर 36 मिनट से 10 बजकर 13 मिनट तक।
आज का चौघड़िया मुहूर्त
- शुभ (उत्तम): सुबह 6:36 से 7:58 बजे तक।
- रोग (सामान्य): सुबह 7:58 से 9:20 बजे तक।
- उद्वेग (अशुभ): सुबह 9:20 से 10:42 बजे तक।
- चर (सामान्य): सुबह 10:42 से दोपहर 12:04 बजे तक।
आज के अशुभ काल
- राहुकाल: दोपहर 1:27 बजे से 2:49 बजे तक।
- गुलिक काल: सुबह 9:20 बजे से 10:42 बजे तक।
- यमगंड: सुबह 6:36 बजे से 7:58 बजे तक।
कार्तिक मास की धार्मिक महत्ता के बीच आज रमा एकादशी व्रत एवं गोवत्स द्वादशी पूजन का विशेष संयोग श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का अवसर लेकर आया है। भगवान विष्णु की आराधना, गौ माता की सेवा और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धालु आध्यात्मिक सुख एवं परिवार की मंगलकामना करेंगे।
