भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के साथ रविवार, 6 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज शाम 7 बजकर 30 मिनट तक दशमी तिथि रहेगी और इसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा। हालांकि एकादशी व्रत का निर्णय उदया तिथि के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में आज एकादशी तिथि शुरू होने के बावजूद व्रत का पालन आज नहीं, बल्कि उदया तिथि में किया जाना मान्य होगा।
आज दिनभर चंद्रमा मिथुन राशि में संचार करेंगे। नक्षत्र की बात करें तो आर्द्रा नक्षत्र शाम 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ होगा। सुबह 9 बजकर 45 मिनट तक सिद्धि योग रहेगा, जिसके बाद व्यतीपात योग शुरू होगा। वहीं वणिज करण सुबह 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगा और उसके बाद विष्टि यानी भद्रा करण का आरंभ होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में शुभ एवं मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए। आज पश्चिम दिशा का दिशाशूल रहेगा, इसलिए यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
आज की तिथि और नक्षत्र
वार: रविवार
- माह: भाद्रपद
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: दशमी, शाम 7:30 बजे तक। इसके बाद: एकादशी तिथि प्रारंभ। एकादशी व्रत: उदया तिथि में मान्य।
- नक्षत्र: आर्द्रा, शाम 7:52 बजे तक; इसके बाद पुनर्वसु
- योग: सिद्धि, सुबह 9:45 बजे तक; इसके बाद व्यतीपात
- करण: वणिज, सुबह 8:41 बजे तक; इसके बाद विष्टि (भद्रा)
- चंद्र राशि: मिथुन
- दिशाशूल: पश्चिम दिशा में
आज भद्रा का साया : 6 सितंबर को सुबह 8 बजकर 41 मिनट के बाद विष्टि करण यानी भद्रा का आरंभ होगा। धार्मिक ज्योतिषीय मान्यताओं में भद्रा को शुभ एवं मांगलिक कार्यों के लिए प्रतिकूल माना गया है। इसलिए भद्रा काल में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत तथा अन्य महत्वपूर्ण मांगलिक कार्यों को करने से बचने की परंपरा है।
एकादशी तिथि आज शाम से : आज भाद्रपद कृष्ण दशमी तिथि शाम 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। चूंकि एकादशी व्रत के लिए उदया तिथि का विशेष महत्व माना जाता है, इसलिए आज शाम एकादशी लगने के बावजूद व्रत का निर्णय अगले दिन की उदया तिथि के अनुसार किया जाएगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
- सूर्योदय: सुबह 6:01 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:37 बजे
- चंद्रोदय: मध्यरात्रि 1:40 बजे, 7 सितंबर
6 सितंबर के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 3:55 बजे से 4:41 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा। इस समय ध्यान, जप, योग, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना करना विशेष फलदायी माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:54 बजे से 12:44 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। सामान्यतः इसे शुभ कार्यों के लिए उपयोगी समय माना जाता है।
अमृत काल : सुबह 10:33 बजे से दोपहर 12:03 बजे तक अमृत काल रहेगा।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : शाम 5:03 बजे से 6:37 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान शुभ कार्यों और महत्वपूर्ण नई शुरुआत से बचने की परंपरा है।
गुलिक काल : दोपहर 3:28 बजे से शाम 5:03 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
यमगंड : दोपहर 12:19 बजे से 1:54 बजे तक यमगंड रहेगा।
आज का दिशाशूल : रविवार को पश्चिम दिशा का दिशाशूल माना गया है। इसलिए पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करने वाले लोग धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आवश्यक सावधानी बरत सकते हैं।
आज का पंचांग एक नजर में
तिथि: भाद्रपद कृष्ण दशमी शाम 7:30 बजे तक
नक्षत्र: आर्द्रा शाम 7:52 बजे तक, फिर पुनर्वसु
योग: सिद्धि सुबह 9:45 बजे तक, फिर व्यतीपात
करण: वणिज सुबह 8:41 बजे तक, फिर विष्टि (भद्रा)
चंद्रमा: मिथुन राशि
सूर्योदय: 6:01 बजे
सूर्यास्त: 6:37 बजे
चंद्रोदय: रात 1:40 बजे (7 सितंबर)
राहुकाल: शाम 5:03 से 6:37 बजे तक
दिशाशूल: पश्चिम
नोट: पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण और मुहूर्त के समय स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। यहां दिए गए समय दिल्ली-एनसीआर को आधार मानकर प्रस्तुत किए गए हैं। शुभ एवं मांगलिक कार्यों के लिए स्थानीय पंचांग अथवा विद्वान ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
