18 जुलाई 2026 का पंचांग: पंचमी तिथि, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और वरीयान योग का शुभ संयोग, जानें दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त

सनातन परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, मांगलिक आयोजन अथवा नए कार्य की शुरुआत से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त का विचार किया जाता है। 18 जुलाई 2026, शनिवार का दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग लेकर आया है। इस दिन पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, वहीं वरीयान योग के बाद परिघ योग का आरंभ होगा। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय।

आज का पंचांग (18 जुलाई 2026)

- तिथि: आषाढ़ शुक्ल पंचमी तिथि अगले दिन (19 जुलाई) प्रातः 03:42 बजे तक रहेगी। इसके उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ होगा।

- नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र सायं 06:00 बजे तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ होगा।

- योग: वरीयान योग रात्रि 08:46 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात परिघ योग आरंभ होगा।

- करण: बव करण दोपहर 04:06 बजे तक रहेगा, इसके बाद बालव करण लगेगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

- सूर्योदय: प्रातः 05:35 बजे

- सूर्यास्त: सायं 07:20 बजे

- चंद्रोदय: प्रातः 09:40 बजे

- चंद्रास्त: रात्रि 10:04 बजे

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:55 बजे से 04:41 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक

अमृत काल: दोपहर 11:45 बजे से 01:19 बजे तक

आज का चौघड़िया मुहूर्त

- चर (सामान्य): प्रातः 05:35 बजे से 07:18 बजे तक

- लाभ (उन्नति): प्रातः 07:18 बजे से 09:01 बजे तक

- अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 09:01 बजे से 10:44 बजे तक

- शुभ (उत्तम): दोपहर 12:27 बजे से 02:11 बजे तक

आज के अशुभ मुहूर्त

राहुकाल: प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक

गुलिकाल: प्रातः 06:00 बजे से 07:30 बजे तक

यमगण्ड: दोपहर 01:30 बजे से 03:30 बजे तक

नोट : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज वरीयान योग, पंचमी तिथि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग धार्मिक कार्यों, पूजा-अर्चना, आध्यात्मिक साधना तथा नए कार्यों के शुभारंभ के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि राहुकाल और यमगण्ड के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

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