आज का पंचांग: 28 मई 2026 गुरु प्रदोष व्रत के साथ द्वादशी-त्रयोदशी का पुण्य संयोग

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और गुरुवार का यह पावन दिन धर्म, साधना और उपासना की दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। आज गुरु प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे भगवान शिव एवं भगवान विष्णु की आराधना का महत्व और अधिक बढ़ गया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज चित्रा एवं स्वाति नक्षत्र के साथ वरीयान योग का प्रभाव दिनभर आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करेगा। श्रद्धालुओं के लिए यह दिन व्रत, पूजा, दान तथा मंत्र-जप के लिए विशेष फलदायी माना गया है।

पंचांग के अनुसार, द्वादशी तिथि प्रातः 07 बजकर 56 मिनट तक रहेगी, इसके उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। आज रखा जाने वाला गुरु प्रदोष व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करने वाला माना जाता है।

आज का पंचांग

  • तिथि – द्वादशी प्रातः 07:56 बजे तक, फिर त्रयोदशी

  • पक्ष – शुक्ल पक्ष

  • वार – गुरुवार

  • व्रत – गुरु प्रदोष व्रत

  • नक्षत्र – चित्रा प्रातः 08:08 बजे तक, फिर स्वाति

  • योग – वरीयान योग रात्रि 03:55 बजे (29 मई) तक, फिर परिघ योग

आज का शुभ मुहूर्त

  • अभिजित मुहूर्त – 11:44 पूर्वाह्न से 12:35 अपराह्न

  • ब्रह्म मुहूर्त – 04:15 प्रातः से 04:59 प्रातः

  • गोधूलि मुहूर्त – 06:34 सायं से 06:56 सायं

आज का अशुभ समय

  • राहुकाल – 01:46 अपराह्न से 03:22 अपराह्न

  • यमगण्ड – 05:44 प्रातः से 07:20 प्रातः

  • गुलिक काल – 08:57 पूर्वाह्न से 10:33 पूर्वाह्न

  • दुर्मुहूर्त – 10:01 पूर्वाह्न से 10:53 पूर्वाह्न तथा 03:10 अपराह्न से 04:01 अपराह्न

सूर्य एवं चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय – 05:44 प्रातः

  • सूर्यास्त – 06:35 सायं

  • चंद्रोदय – 04:14 अपराह्न

  • चन्द्रास्त – 03:50 प्रातः (29 मई)

दिशा शूल

  • दक्षिण दिशा

धर्माचार्यों के अनुसार, आज के दिन शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और दूध अर्पित करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। वहीं भगवान विष्णु की पूजा एवं पीले वस्त्र, चने की दाल तथा हल्दी का दान करने से गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है। प्रदोष काल में दीपदान और शिव आराधना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।

आज का दिन आध्यात्मिक साधना, संयम और सकारात्मक संकल्पों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। श्रद्धालु यदि शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ और दान-पुण्य करें, तो उन्हें विशेष फल की प्राप्ति हो सकती है।

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