
शास्त्रसम्मत पंचांग के अनुसार आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। शुक्रवार का दिन होने के कारण आज का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत भी रखा जा रहा है। मान्यता है कि आज विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना करने से सुख, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। आज चंद्रमा मिथुन राशि में संचार कर रहा है और गुरु के साथ युति बनाकर गजकेसरी राजयोग का निर्माण कर रहा है, जो विशेष फलदायी माना जाता है। तिथि, वार एवं संवत
- तिथि – द्वादशी प्रातः 11:09 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी
- पक्ष – शुक्ल
- वार – शुक्रवार
- विक्रम संवत – 2082
- शक संवत – 1947
- अमांत/पूर्णिमांत मास – माघ
- हिजरी तारीख – 10 शब्बन 1447
- अंग्रेजी तारीख – 30 जनवरी 2026
नक्षत्र, योग एवं करण
- नक्षत्र – आर्द्रा (रात्रि 03:27 बजे, 31 जनवरी तक), इसके बाद पुनर्वसु
- योग – वैधृति सायं 04:58 बजे तक, इसके बाद विष्कुंभ
- करण –
- बालव – प्रातः 11:09 बजे तक
- कौलव – रात्रि 09:46 बजे तक
- तैतिल – इसके बाद
सूर्य एवं चंद्र से जुड़ी जानकारी
- सूर्योदय – 07:10 AM
- सूर्यास्त – 05:59 PM
- चंद्रोदय – 03:06 PM
- चंद्रास्त – 05:54 AM (31 जनवरी)
- सूर्य राशि – मकर
- चंद्र राशि – मिथुन
- ऋतु – शिशिर
- सूर्यायण – उत्तरायण
आज के व्रत-त्योहार
- शुक्र प्रदोष व्रत
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त – 05:25 AM से 06:18 AM
- अभिजित मुहूर्त – 12:13 PM से 12:56 PM
- विजय मुहूर्त – 02:11 PM से 02:55 PM
- गोधूलि बेला – 05:56 PM से 06:23 PM
- अमृत काल – 06:18 PM से 07:46 PM
अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल – 11:14 AM से 12:35 PM
- यमगण्ड – 03:17 PM से 04:38 PM
- गुलिक काल – 08:31 AM से 09:52 AM
- दुर्मुहूर्त –
- 09:20 AM से 10:03 AM
- 12:56 PM से 01:39 PM
दिशा शूल: पश्चिम दिशा
विशेष फलादेश: आज का दिन धार्मिक कार्यों, व्रत, पूजा-पाठ और शुभ संकल्प के लिए उत्तम माना गया है। प्रदोष व्रत के कारण संध्या समय शिव पूजन विशेष लाभदायक रहेगा। गजकेसरी राजयोग के प्रभाव से आज किए गए सकारात्मक प्रयास भविष्य में अच्छे परिणाम दे सकते हैं।
— दैनिक पंचांग
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