आज का पंचांग, 10 अक्टूबर 2026: सर्वपितृ अमावस्या आज, पितरों के तर्पण और श्राद्ध का विशेष महत्व

 सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य का अवसर; रात्रि 9:19 बजे तक अमावस्या तिथि, जानिए आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त।

हिंदू धर्म में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इसे सर्वपितृ अमावस्या अथवा अमावस्या श्राद्ध के नाम से जाना जाता है। यह दिन पितरों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण व्यक्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करने की परंपरा है। जिन लोगों को अपने पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती अथवा किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाता, वे भी इस दिन अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध कर्म कर सकते हैं।

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या है। आज अमावस्या तिथि रात्रि 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ हो जाएगी। हस्त नक्षत्र रात्रि 9 बजकर 42 मिनट तक रहेगा, इसके बाद चित्रा नक्षत्र लगेगा। इन्द्र योग रात्रि 10 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, इसके बाद वैधृति योग का आरंभ होगा। चंद्रमा दिन-रात कन्या राशि में संचार करेगा। पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान करने के लिए आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

आज की तिथि और नक्षत्र

- दिन: शनिवार।

- मास: आश्विन।

- पक्ष: कृष्ण पक्ष।

- तिथि: अमावस्या, रात्रि 9:19 बजे तक; इसके बाद शुक्ल प्रतिपदा।

- नक्षत्र: हस्त, रात्रि 9:42 बजे तक; इसके बाद चित्रा।

- योग: इन्द्र, रात्रि 10:02 बजे तक; इसके बाद वैधृति।

- चंद्र राशि: कन्या।

- विशेष अवसर: सर्वपितृ अमावस्या एवं अमावस्या श्राद्ध।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

- सूर्योदय: सुबह 6:19 बजे।

- सूर्यास्त: शाम 5:57 बजे।

- चंद्रोदय: आज चंद्रोदय नहीं।

- चंद्रास्त: शाम 5:30 बजे।

आज के शुभ मुहूर्त

- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक।

- अमृत काल: दोपहर 3:36 बजे से शाम 5:14 बजे तक।

- कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक।

- रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:31 बजे से 1:18 बजे तक।

- अपराह्न काल: दोपहर 1:18 बजे से शाम 3:37 बजे तक।

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, कुतुप मुहूर्त, रौहिण मुहूर्त और अपराह्न काल को श्राद्ध कर्म के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध और तर्पण करने वाले श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा तथा स्थानीय पंचांग के अनुसार समय निर्धारित कर सकते हैं।

आज का चौघड़िया मुहूर्त

- काल: सुबह 6:19 बजे से 7:46 बजे तक।

- शुभ: सुबह 7:46 बजे से 9:13 बजे तक।

- रोग: सुबह 9:13 बजे से 10:41 बजे तक।

- उद्वेग: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:08 बजे तक।

चौघड़िया मुहूर्त का उपयोग पारंपरिक रूप से दैनिक कार्यों के लिए समय का आकलन करने में किया जाता है। किसी विशेष धार्मिक कर्म के लिए संबंधित कर्मकांड के मुहूर्त को प्राथमिकता देना उचित है।

आज का अशुभ मुहूर्त

दिल्ली-NCR के अनुसार:

- राहुकाल: सुबह 9:13 बजे से 10:40 बजे तक।

- गुलिक काल: सुबह 6:18 बजे से 7:46 बजे तक।

- यमगण्ड: दोपहर 1:35 बजे से 3:02 बजे तक।

- दिशा शूल: पूर्व।

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, पितरों के निमित्त किए जाने वाले श्राद्ध और तर्पण के लिए निर्धारित धार्मिक परंपरा और स्थानीय पंचांग का ध्यान रखना चाहिए।

सर्वपितृ अमावस्या पितृपक्ष का महत्वपूर्ण दिन है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन उन सभी पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है या जिनका श्राद्ध किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर नहीं हो पाया। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार जल अर्पित कर पितरों का स्मरण करते हैं तथा सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य करते हैं।

इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराना, अन्न और वस्त्र का दान करना तथा परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करना भी पुण्यकारी माना जाता है। पितरों के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके दिए संस्कारों को जीवन में अपनाना और परिवार की परंपराओं को आगे बढ़ाना भी इसका महत्वपूर्ण पक्ष है।

सर्वपितृ अमावस्या पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने, उनके योगदान को याद करने और परिवार में संस्कारों की परंपरा को मजबूत बनाने का अवसर है। श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य, पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य के कार्य संपन्न कर सकते हैं।प्रकाशन संबंधी नोट: पंचांग के सभी समय दिल्ली-NCR के संदर्भ में प्रस्तुत किए गए हैं। प्रकाशित करने से पहले तिथि, नक्षत्र और श्राद्ध मुहूर्त का स्थानीय पंचांग से मिलान कर लेना उचित होगा।

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