आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर बुधवार, 16 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा का पावन उत्सव मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार दिनभर कई शुभ योग और मुहूर्त बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ, मांगलिक कार्यों, नई शुरुआत और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अनुकूल माने गए हैं। वहीं राहुकाल और अन्य अशुभ कालखंडों में महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
पंचांग विवरण
- तिथि : आषाढ़ शुक्ल द्वितीया प्रातः 08:54 बजे तक, इसके बाद तृतीया तिथि आरंभ।
- नक्षत्र : आश्लेषा नक्षत्र सायं 07:53 बजे तक, तत्पश्चात मघा नक्षत्र।
- योग : सिद्धि योग रात्रि 01:23 बजे तक।
- करण : बव करण दोपहर 11:50 बजे तक, इसके बाद बालव करण।
- चंद्र राशि : चंद्रमा पूरे दिन कर्क राशि में संचार करेंगे।
सूर्य और चंद्रमा का समय
- सूर्योदय : प्रातः 06:04 बजे
- सूर्यास्त : सायं 09:49 बजे
- चंद्रोदय : प्रातः 08:34 बजे
- चंद्रास्त : रात्रि 11:05 बजे
श्री जगन्नाथ रथयात्रा उत्सव : आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथयात्रा का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना गया है।
चौघड़िया मुहूर्त
- लाभ (उत्तम) : प्रातः 05:33 बजे से 07:16 बजे तक
- अमृत (सर्वश्रेष्ठ) : प्रातः 07:16 बजे से 09:00 बजे तक
- शुभ (उत्तम) : प्रातः 10:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
- चर (सामान्य) : दोपहर 03:54 बजे से सायं 05:38 बजे तक
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:58 बजे से 05:31 बजे तक
- प्रातः संध्या : प्रातः 05:15 बजे से 06:04 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त : दोपहर 01:25 बजे से 02:28 बजे तक
- विजय मुहूर्त : सायं 04:34 बजे से 05:37 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त : रात्रि 09:47 बजे से 10:03 बजे तक
- सायाह्न संध्या : रात्रि 09:49 बजे से 10:38 बजे तक
- अमृत काल : दोपहर 02:53 बजे से सायं 04:22 बजे तक
- रवि योग : सायं 04:22 बजे से अगले दिन प्रातः 06:05 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल : सायं 03:54 बजे से 05:52 बजे तक
- यमगण्ड : प्रातः 06:04 बजे से 08:02 बजे तक
- गुलिक काल : प्रातः 10:00 बजे से 11:58 बजे तक
- विडाल योग : प्रातः 06:04 बजे से सायं 04:22 बजे तक
- दुर्मुहूर्त : प्रातः 11:19 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक
आज का विशेष : आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर सिद्धि योग, रवि योग और अमृत काल जैसे शुभ संयोग दिन को विशेष फलदायी बना रहे हैं। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर श्रद्धालु पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मांगलिक कार्यों के लिए अभिजित मुहूर्त, विजय मुहूर्त और अमृत काल विशेष रूप से शुभ माने गए हैं।
