हापुड़ में अवैध खनन पर पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन': ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर भागे माफिया, पहचान और सख्त कार्रवाई का वादा!

आबिद हुसैन, गढ़मुक्तेश्वर। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने छापेमारी की। गश्त के दौरान मिली गुप्त सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने माफियाओं को सरप्राइज दिया, जिससे वे ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ मौके से फरार हो गए। इलाके में मचाए हंगामे ने स्थानीय लोगों में राहत की लहर दौड़ा दी है। 

घटना की पूरी कहानी:

क्षेत्राधिकारी स्तुति सिंह और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को रूटीन गश्त के दौरान अवैध खनन की पक्की खबर मिली। सूचना मिलते ही टीम ने बिना देर किए गढ़मुक्तेश्वर के कोतवाली क्षेत्र के एक नदी तट या खेतों के पास छापा मारा। वहां रेत और बजरी का बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन चल रहा था। पुलिस की वर्दी देखते ही खनन में लिप्त  लोग हड़बड़ा गए और अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छोड़ कर भाग निकले। पुलिस ने पीछा भी किया, लेकिन माफिया अंधे रास्तों का फायदा उठाकर छिप गए।

 पुलिस की तैयारी और भविष्य की रणनीति:

छापेमारी के बाद मौके पर खनन के साक्ष्य जैसे खुदाई के उपकरण और रेत के ढेर बरामद हुए। क्षेत्राधिकारी स्तुति सिंह ने बताया, "अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी और कानून-व्यवस्था को भी खतरे में डालता है। हम फरार माफियाओं की पहचान कर रही हैं और एनसीआर, सीसीटीवी फुटेज तथा मुखबिरों की मदद से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करेंगे। संबंधित आईपीसी धाराओं और माइनिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होगा।" कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने जोड़ा कि अब इलाके में गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि ऐसी गतिविधियां दोबारा न हों।

स्थानीय प्रभाव और प्रशासन का संकल्प:

गढ़मुक्तेश्वर जैसे नदी किनारे के क्षेत्रों में अवैध खनन लंबे समय से समस्या बना हुआ है, जो नदी के कटाव, जलस्तर गिरने और किसानों की जमीनों को नुकसान पहुंचा रहा है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की और कहा कि इससे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ेगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ड्रोन सर्विलांस और संयुक्त टीमों से निगरानी मजबूत की जाएगी।फिलहाल, पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और जल्द ही अपडेट जारी करेगी। यह कार्रवाई अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण है।

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