सिरसा/कालांवाली (सुरेश जोरासिया)। उपायुक्त शान्तनु शर्मा ने फसल अवशेष प्रबंधन में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी ड्यूटी को पूरी सतर्कता के साथ करें और किसी प्रकार की लापरवाही न करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक किया जाए। खेतों में पूरी निगरानी रखते हुए आगजनी की घटनाओं पर पूर्ण अंकुश लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों से पराली में आग न लगाए जाने बारे अपील करते हुए पराली प्रबंधन करने का आह्वान किया।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन पर आयोजित वीडियो कॉफ्रेंस उपरांत फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उप निदेशक कृषि डा. सुखदेव सिंह व सहायक कृषि अभियंता विजय कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
उप निदेशक कृषि डा. सुखदेव सिंह ने बताया कि अभी तक हरसैक द्वारा 25 लोकेशन प्राप्त हुई थी। फसल अवशेष प्रबंधन में लगी टीमों द्वारा 15 जगह पर आगजनी की घटनाएं पाई गई थी। इन सभी पर एनजीटी के नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई व 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा इनकी रेड एंट्री भी की गई है। जिस कारण ये किसान अपनी फसलों को एमएसपी पर नहीं बेच पाएंगे और कृषि विभाग की स्कीमों का लाभ भी प्राप्त नहीं कर पाएगें। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग की ओर से 1200 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जाता है।
